Friday, October 5, 2018

Happy Dashahra

दशहरा उत्सव क्या है, दशहरा शब्द का क्या मतलब है, क्यों किया जाता है दशहरा के दिन रावण के पुतले का दहन, और क्यों करते हैं दशहरे के दिन माँ दुर्गा की पूजा आराधना तथा क्यों होता है इस दिन रामलीला का कार्यक्रम इस आर्टिकल में.आपको इन्ही सवालों के जवाब मिलेगा वो भी बिलकुल संक्षिप्त में क्योकि मैं जानता हूँ आपका समय कितना कीमती है इसलिए आपके कीमती समय को ध्यान में रखते हुए मैं बिलकुल कम समय में आपको पूरी जानकारी देने का प्रयास करूँगा, और आप कम समय में जान और समझ पाएँगे,
🕉🌻🌻🌻🌻🌻🌻🕉🌻🌻🌻🌻🌻🌻🕉


नमस्कार दोस्तों, इस आर्टिकल में सुंदर डिज़ाइन वाले ग्रीटिंग्स को सिर्फ आपके लिए डाल रहा हूँ, इस त्योहार को क्यों मनाते हैं संक्षेप में इस लेख से समझ सकते हैं तथा अपने दोस्तों और परिवार के सभी सदस्यों को बड़ी ही आसानी से ग्रीटिंग्स में अपना नाम लिखकर सेंड कर सकते हैं,  ग्रीटिंग्स भेजने के लिए Share बटन पर क्लिक कीजिए,

अपने पसंद वाले त्यौहार जैसे शुभ दिपावली, होली, नवरात्र, दशहरा, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, ईद मुबारक, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, शुभ प्रात और  शुभ शंध्या आदी जैसे त्योहारों के सुंदर ग्रीटिंग्स अपने दोस्तों को शेयर करने के लिए निचे ग्रीन कलर के festival99.epizy.com पर क्लिक किजिए,

All Festival Link
Festival99.epizy.com 
Happy Dashahra
हैप्पी दशहरा



दशहरा शब्द का अर्थ होता है दस+हारा दश = दशानन रावण के दस सर होने के कारन उसे दशानन कहा गया है और हारा = हारना इस दिन भगवान श्री राम के द्वारा युध में रावण की हार हुई थी दशानन हारा था  इसलिए इस दिन को हम दशहरा उत्सव मानते हैं इस दिन को हम विजयदशमी भी कहते हैं दशहरा भारत का एक बहुत ही प्रमुख त्यौहार है जिसे पूरे भारतवर्ष में बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है, विजय दसमी प्रत्येक वर्ष आश्विन माह के शुक्ल पक्ष, दशमी तिथी को मनाया जाता है, इसी दिन भगवन श्री राम नें पापी रावण का वद्ध करके सत्य और धर्म स्थापित किए थे यह असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का दशमी है अत: हम इस दिन को विजयदशमी के नाम से जानते हैं,


भगवन श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता जब वन में प्रवेश करते हैं तो पंचवटी में एक कुटीया बना कर रहने लगते हैं वन में माता सीता को एक सोने का मृग दिखाई देता है जो की रावण के द्वारा भेजा गया एक राक्षस "मारीच" था और मृग का रूप ले कर आया था, माता सीता प्रभु राम से मृग को पकड़कर लाने की आग्रह करतीं है, अपनी पत्नी का मान रखते हुए श्रीराम मृग के पीछे भागते हैं जब बहुत देर बाद वन से एक करूण आवाज आता है तो माता सीता डर जाती हैं और लक्ष्मण को राम के पीछे भेजती हैं माता सीता को अकेले पाकर रावण माता सीता का हरण कर के लंका ले जाता है, तो श्री राम और लक्ष्मण वानर राज सुग्रीव एवं हनुमान का सहायता लेकर लंका में जाकर रावण के कुल का विनाश कर देते हैं और रावण का वद्ध कर के सत्य और धर्म की रक्षा करते हैं रावण रूपी अधर्मी पर मिले विजय को ही विजयादशमी, और रावण की हार को ही  दशहरा कहते हैं !!

#दशहरा की सुभकामनाएँ अपने मित्रों को देना चाहते हैं तो Share बटन पर क्लिक किजिए  !


एक पौराणिक  मान्यता यह है की एक राक्षस था महिषासुर, जिसने भगवान शिव की कठोर उपासना कर के वरदान स्वरुप कुछ शक्तियां मांग ली थी, इन्हीं शक्तियों की वजह से स्वयं शिव भी उन्हें मारने में असक्षम हो गए, महिषासुर ने चारों तरफ आतंक फैला रखा था और सभी देवताओं को भयभीत कर रखा था, सभी देवता उनसे परेशान थे, इसलिए सभी देवता भगवान् ब्रम्हा, विष्णु, और महेश के पास गये और महिशासुर से मुक्ति की कामना की, तब सभी देवताओं तथा ब्रम्हा, विष्णु, और महेश के आवाहन पर मां आदिसक्ति का अवतरण मां 'दुर्गा' के रूप में हुआ और उन्होने महिषासुर का वध कर संसार को भय मुक्त किया, माँ दुर्गा के अनेक नाम है इसमें से इनका एक नाम शक्ति भी है, 
                                      
माँ दुर्गा का अवतरण महिषासुर के वध हेतु ही हुआ था और माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर देवताओं सहित सारी सृष्टि को महिषासुर के आतंक से मुक्त किया, तब से लेकर आज तक माँ दुर्गा की पूजा आराधना दशहरे के दिन की जाती है जिससे की असुरी सक्तियों से माँ दुर्गा हमारी रक्षा करती रहें !! 

विजय दसमी का यह त्यौहार अच्छाई की बुराई पर, सत्य की असत्य पर विजय का प्रतिक है, यह हमें सन्देश देता है की बुरा व्यक्ति चाहे कितना भी बलवान व प्रभावशाली क्यों ना हो उनका अंत सुनिश्चित है, मृत्यु पर विजय पाने वाले रावण का अंत कर भगवान श्री राम ने असत्य पर सत्य की विजय प्राप्त की, और हमें एक सन्देश दिया की कभी भी हमें असत्य और अधर्म रूपी रावण से डर कर भागना नहीं चाहिए,

विजयदशमी से कई दिन पूर्व दशहरे की तैयारियां शुरू हो जाती है, देश भर में जगह जगह रामलीला का आयोजन होता है, रामलीला में श्री राम के जीवन प्रसंगों का प्रदर्शन होता है, लोग बड़ी ही श्रधा व विस्वास से रामलीला को देखते हैं, रामलीला के माध्यम से हम भगवान श्री राम के आदर्शों और चरित्र के दर्शन कर पाते हैं, इस वर्ष की दशहरा आपके और आपके परिवार लिए मंगलमय हो,                            II जय माता दी II

0 your comments:

Post a Comment